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गर्भावस्था से कैसे बचें? परिवार नियोजन के लिए गर्भनिरोधक और अन्य विकल्प

How to avoid pregnancy?
How to avoid pregnancy?

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यौन रूप से सक्षम लगभग 85% महिलाएं जो किसी भी गर्भनिरोधक उपाय का प्रयोग नहीं करतीं एक साल में गर्भवती हो जाती हैं। हालांकि वे गर्भधारण से बचने हेतु प्राकृतिक तरीकों का निर्वहन करती हैं जैसे कि मासिक धर्म के अथवा स्तनपान के दौरान संभोग करना, या फिर वीर्यस्खलन से पूर्व पुरुष जनानंग को बाहर निकालना आदि, उनकी गर्भधारण की संभावना हमेशा बनी रहती है। अतः यदि आप गर्भवती नहीं होना चाहतीं तो आप यथोचित गर्भनिरोधक उपायों का उपयोग करें।

यदि आपने पिछली रात असुरक्षित यौन संबंध बनाया है तो घबराने की आवश्यकता नहीं है, इस लेख में हम आपातकालीन गर्भनिरोधक तरीकों के बारे में भी चर्चा करेंगे जो संभावित गर्भधारण को टाल सकने में सक्षम हैं।

अनचाहे गर्भ को टालने के कई प्रचलित तरीके हैं, और ये आपको असुरक्षित यौन संबंधों द्वारा संचारित रोगों से भी बचाते हैं।

आइये जानते हैं भारत में उन प्रचलित गर्भनिरोधक तरीकों के बारे में जो महिलाएं आसानी से अपना सकती हैं।

महिला कंडोम

कंडोम गर्भधारण को रोकने के लिए सबसे आसान और प्रचलित उपाय है। पुरुष कंडोम की तरह ही आप महिला कंडोम को भी दवाई दुकान से बिना किसी चिकित्सकीय परामर्श के खरीद सकती हैं। महिला कंडोम एक तरह के प्लास्टिक से बना होता है जिसे हम पॉलीयूरेथेन कहते हैं।

सही तरीके से इस्तेमाल करने से यह 95% तक गर्भधारण से बचाव प्रदान करता है। महिला कंडोम को योनि के भीतर पहना जाता है जिससे कि पुरुषों का वीर्य अंदर न जा सके और गर्भधारण को प्रभावी ढंग से रोक जा सके। इन कंडोम को यौन संबंध बनाने के लगभग 8 घंटे पहले से पहना जा सकता है। शारीरिक संबंध के दौरान संभव है कि यह कंडोम अंदर चले जाए परंतु आप इसे आसानी से बिना किसी सहायता के निकाल सकती हैं।

अब तक महिला कंडोम के कोई दुष्प्रभाव सामने नही आएं है। अतः यह पूर्णतः सुरक्षित गर्भनिरोधक उपाय है। महिला कंडोम पुरुष कंडोम की अपेक्षा महँगे होते हैं क्यों यह उनके अपेक्षा ज्यादा विश्वसनीय हैं।

कॉपर टी आई यू डी (इंट्रा यूट्रीन डिवाइस)

आई यू डी एक T के आकार का यंत्र होता है जिसे पेशेवर पर्यवेक्षण के अंतर्गत लगाया जाता है। इसके मुख्यतः दो प्रकार हैं: कॉपर पर आधारित और हॉर्मोन्स पर आधारित।

सही तरह से लगने के पश्चात प्रथम प्रकार की आई यू डी युग्मनज (zygote (fertilized egg)) को गर्भाशय में दाखिल होने से रोकती है और दूसरी प्रकार की आई यू डी नियमित रूप से ऐसे हॉर्मोन का निर्माण करती है जो कि अंडाणु को गर्भाशय की दीवार से सम्बद्ध होने से रोकता है।

यह उपाय 99% सफल साबित हुआ है और 5 से 10 साल तक प्रभावी रूप से काम करता है। यह उपाय अधिकतर उन महिलाओं द्वारा प्रयोग किया जाता है जिन्हें बच्चा हो चुका है और वे दो बच्चों में अंतर चाहती हैं। यदि इसे असुरक्षित यौन संबंध के पांच दिवस के भीतर लगाया जाए तो यह एक आपातकालीन गर्भनिरोधक तरीके के रूप में भी कारगर है।

इसे स्थापित करने से आपके यौन जीवन पर कोई असर नहीं पड़ेगा और आप पहले की तरह अपने साथी के साथ जीवन का आनंद ले सकते हैं। यन्त्र को लगाने के पश्चात आपको दर्द या रक्तस्त्राव की शिकायत हो सकती है जो कि समय के साथ स्वतः ही ठीक हो जाएगी।

मौखिक गर्भनिरोधक गोलियां

कंडोम के बाद सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाले गर्भनिरोधक तरीकों में सबसे पहले गर्भनिरोधक गोलियों का नाम आता है। यह हार्मोनल क्रियाकलापों को नियंत्रित करती हैं और अंडोउत्सर्जन को रोकती है। यह गोलिया 95% तक गर्भधारण को रोकने में सक्षम है जिसका मूल कारण एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टिन जैसे हॉर्मोन का सम्मिलित कार्य करना है।

मौखिक गर्भनिरोधक गोलियां अंडाशय से अंडे निकलने से रोकती है और इस प्रकार गर्भधारण को टालती हैं। यह गर्भधारण से बचने का सबसे आसान उपाय है। जो महिलाएं इसका उपयोग करना चाहती हैं उन्हें यह नियमित अंतराल में लेना चाहिए जिससे कि अपेक्षित परिणाम प्राप्त हो सकें। किन्हीं परिस्थितियों में इन्हें लेने से उबकाई, स्तनों में कोमलता, सिरदर्द, रक्तस्त्राव, वजन में बढ़ोत्तरी आदि जैसे दुष्प्रभाव सामने आ सकते हैं।

गर्भ निरोधक झिल्ली

गर्भ निरोधक झिल्ली या डायाफ्राम एक रबर की डिस्क होती है जो एक लचीले कोने से जुड़ी होती है इस झिल्ली को योनि के अंदर पहना जाता है और यह गर्भाशय ग्रीवा को ढक कर वीर्य को अंदर जाने से रोकती है। डायाफ्राम के सही नाप के लिए यह आवश्यक है की आप किसी विशेषज्ञ की सलाह लें और इसे इस्तेमाल करने का सही तरीका जानें। बेहतर परिणाम के लिए इसे स्पर्मीसाइड (एक पदार्थ जो वीर्य को नष्ट करने में सक्षम है) की परत लगा कर इस्तेमाल करें।

डायाफ्राम को यौन सम्बंध बनाने के 6 घंटे पहले से पहनना आवश्यक है और यौन सम्बन्ध के 6 से 8 घंटों के भीतर इसे योनि से निकाल देना चाहिए। इससे अधिक अवधि के लिए डायाफ्राम का उपयोग न करें। सामान्यतः डायाफ्राम को बनाने वाली कई कंपनियां इसे पुनः प्रयोग करने हेतु बनाती हैं, किन्तु यदि आप इसे पुनः इस्तेमाल कर रही हैं तो हमारी सलाह है कि आप उसे अच्छी तरह से जांचने के बाद ही प्रयोग करें। इन्हें इस्तेमाल करने के पश्चात यौन संबंधों में कोई भी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ता और यह मूत्रत्याग के दौरान भी अपने जगह पर कायम रहती है।

इम्प्लांट्स

गर्भ निरोधक इम्प्लांट्स (इम्प्लानों) पतले रबर की छड़ें होती हैं जो कि आकार में माचिस की काड़ी की भांति होती है। इन्हें चिकित्सक शल्यक्रिया द्वारा बांह के ऊपरी हिस्से में लगा देते हैं। यह प्रक्रिया आपके शरीर पर एक हल्का निशान छोड़ सकती है। यह इम्प्लांट्स निरंतर रूप से प्रोजेस्टिन हॉर्मोन छोड़ते हैं जो कि आपको गर्भधारण करने से बचाते हैं और यह 3 से 5 वर्ष तक काम करते हैं। यह हॉर्मोन गर्भधारण को दो विभिन्न तरीकों से रोकते हैं, एक तो आपके गर्भाशय ग्रीवा के श्लेम को मोटा कर स्पर्म को अंदर आने से रोक कर, और दूसरा अंडाशय से अंडों को निकले से रोक कर।

यह तरीका उन महिलाओं के लिए बेहद कारगर है जो किसी वजह से गर्भनिरोधक गोलियां अथवा इंजेक्शन लेना भूल गयी हों या जो चिकित्सीय कारणों से गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन नहीं कर सकतीं। यह हॉर्मोन पर आधारित तरीका लगभग गर्भनिरोधक गोलियों के तरह ही काम करता है परंतु यह उनसे ज्यादा प्रभावी है और इसकी सफलता दर 99% है। हालांकि इनके दुष्प्रभाव भी गर्भनिरोधक गोलियों की अपेक्षा ज्यादा है। सामान्यतः आपको इस उपाय के इस्तेमाल के दौरान माहवारी में अनियमितता, वजन में बढ़ोत्तरी, स्तनों में कोमलता, आदि की शिकायत हो सकती हैं।

आपातकालीन गर्भनिरोधक

आपातकालिक गर्भनिरोधक गोलियां असुरक्षित यौन संबंध के लघु अंतराल में ली जाती हैं, लगभग 72 घंटों के भीतर।  गर्भनिरोधक गोलियों की भांति ही आपातकालिक गर्भनिरोधक गोलियां भी महिलाओं के शरीर में गर्भधारण के लिए विपरीत स्थितियां निर्मित करती हैं।

जहां तक भारत में इन गोलियों की बात हैं तो कई सारे ब्रांड हैं जो इन दवाइयों को बनाते हैं। सबसे प्रचलित ब्रांड्स हैं- आई-पिल, अनवांटेड 72 आदि। इन्हें आप किसी भी दवाई दुकान से बिना किसी चिकित्सकीय परामर्श के ले सकती हैं। भारत में सबसे ज्यादा अपनाई जाने वाली 5 आपातकालिक गर्भनिरोधक गोलियों के बारे में जानने के लिए यहां क्लिक करें।

महिला नसबंदी

इस उपाय को ट्यूबल लिगेशन भी कहा जाता है। इसमें गर्भाशय की नलियों को बांध दिया है जाता जिससे कि अंडाणु वीर्य से नहीं मिल पाते और गर्भधारण नहीं होता। यह उपाय दो तरीकों से कार्यान्वित किया जाता है एक है शल्यक्रिया द्वारा और दूसरा है शल्यक्रिया के बिना।

पहली प्रकिया में गर्भाशय की नलियों को काट कर इस प्रकार बांध दिया जाता है जिससे कि अंडाशय और गर्भाशय का संपर्क कट जाता है। यह प्रक्रिया आपको स्थायी रूप से गर्भधारण से रोकती है अतः आप इस उपाय को करने से पहले सम्पूर्ण रूप से आश्वस्त हो जाएं कि आपको यह उपाय धारण करना है, अथवा नहीं।

दूसरी ओर, दूसरी प्रक्रिया जिसमें शल्यक्रिया का उपयोग नही किया जाता उसमें योनिमार्ग एवं गर्भाशय के रास्ते गर्भाशय नलियों में कॉइल्स डाल दी जाती हैं। इस प्रकिया को प्रभावी रूप से सक्रिय होने में कम से कम 3 माह का समय लगता है अतः आपको इस अंतराल में अन्य गर्भनिरोधक उपायों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।

दोनो ही तरीके 99%तक प्रभावी हैं और आप शल्यक्रिया के बाद उसी दिन चिकित्सालय से घर जा सकती हैं।

गर्भनिरोधक इंजेक्शन्स

जैसा कि नाम से स्पष्ट होता है, इस उपाय में हॉर्मोनल गर्भनिरोधक शरीर में इंजेक्शन द्वारा बांह अथवा कूल्हों के माध्यम से शरीर में प्रवेशित किये जाते हैं जो गर्भधारण करने से शरीर को रोकते हैं। जो तीन प्रकार के मुख्य इंजेक्शन इस उपाय में प्रयुक्त होते है वे हैं: डिपो-प्रोवेरा और सायना प्रेस जो कि गर्भावस्था को 13 हफ़्तों तक स्थगित कर सकने में सक्षम हैं, और नोरिस्टरट जो कि 8 हफ़्तों तक सुरक्षा प्रदान करता है।

इनमें के डिपो प्रोवेरा सबसे अधिक अपनाया जाने वाला विकल्प है और चूंकि ये 8 से 13 हफ्तों तक कारगर रहता है आपको अगली बार असुरक्षित यौन संबंध बनाने में चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। संभाबीत दुष्प्रभावों में सिरदर्द वजन बढ़ना, स्तनों में कोमलता, मनोदशा में बदलाव,  और अनियमित रक्त स्त्राव शामिल हैं।

याद रखें कि इन इंजेक्शन्स के प्रभाव को नकारा नहीं जा सकता अतः यदि आपको किसी दुष्प्रभाव का सामना करना पड़ रहा है तो आपको उसे इंजेक्शन का असर खत्म होने तक सहन होगा। एक बार इंजेक्शन लेने के पश्चात आपको अपनी सामान्य में आने में थोड़ा समय लग सकता है जो कि पूर्णतः सामान्य है। इस प्रकार जो महिलाएं निकट भविष्य में गर्भवती होने चाहती हैं उन्हें यह उपाय इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

ऊपर दर्शाये गए सभी उपाय प्रभावी ढंग से गर्भधारण को टालते हैं। आपको बस इनमें से अपने लिए एक सही विकल्प की तलाश करनी है।

Written by Girlopedia Staff

Techie by profession blogger by hobby, founder of Girlopedia.

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