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अम्बेडकर संग्रहालय, पुणे – इतिहास, तथ्य, समय और स्थिति

डा. बाबासाहेब भीमराव  अम्बेडकर संग्रहालय पुणे के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है।

ambedkar museum pune

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डा. बाबासाहेब भीमराव  अम्बेडकर संग्रहालय पुणे के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। पुणे के सेनापति बापत मार्ग पर स्थित है। इस संग्रहालय में उनसे जुडी चीज़ों और उनके राष्ट्र के प्रति योगदान का अनूठा संग्रह है जो जन्म से लेकर मृत्यु तक उनके जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं का वर्णन करता है। इसकी स्थापना १४ अप्रैल १९९० को अम्बेडकर जन्मशती के अवसर पर की गई थी। इस संग्रहालय में सुंदर बागीचे के बीच एक विशाल गुम्बद बना हुआ है। द सिम्बायोसिस सोसाइटी इस संग्रहालय की देखभाल करती है।

डा० अम्बेडकर एक उच्च शिक्षित व्यक्ति थे और उनका व्यक्तित्व बहुत शानदार था। वो भारतीय संविधान के निर्माता, दार्शनिक, राजनीतिज्ञ और सबसे ऊपर एक महान समाज सुधारक थे। वो उन व्यक्तियों में से एक थे जिन्होंने सामाजिक अन्याय और असमानता के विरुद्ध लड़ाई लड़ी। अम्बेडकर संग्रहालय लोगो के प्रति उनकी भलाई और राष्ट्र के प्रति उनकी सराहनीय सेवाओँ को के लिए, उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

अम्बेडकर संग्रहालय से जुडी हर चीज़ और उपलब्धियाँ आपका ध्यान आकर्षित करेंगी। संग्रहालय के बीचों बीच डा० बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर की सफ़ेद संगमरमर से बनी अर्द्धप्रतिमा है जिसके निचले हिस्से पर उनकी उपलब्धियों को उत्कीर्णित किया गया है। इसके अलावा यहाँ उनसे जुडी चीज़ों का संग्रह भी है जिसमे भगवान बुद्ध की प्रतिमा, एक कप और केतली और प्याला, एक ऐश-ट्रे और एक लैंप आदि हैं। कहा जाता है कि वो ब्रिटिश अंदाज़ में चाय पीना पसंद करते थे। दूसरी तरफ आपको कुछ कुर्सियां दिखाई देंगी जिस पर बैठकर उन्होंने भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डा० राजेन्द्र प्रसाद को संविधान पेश किया था। आपको यहाँ एक वायलिन भी दिखाई देगा जिसे वो सीखते और बजाते थे। आपको यहाँ एक खण्ड में लकड़ी के स्टैंड पर उनके कपडे भी दिखाई देंगे, इनमे से एक जोड़ा उन्होंने काठमांडू में बौद्ध सम्मेलन के दौरान पहना था और एक प्रभावी भाषण दिया था। आपको यहाँ उनके जूते भी देखने को मिलेंगे और एक खण्ड में भोजन करने की मेज पर सुव्यवस्थित तरीके से लगी प्लेट, प्याले और कुछ अन्य बर्तन दिखाई देंगे। ये वही मेज है जिस पर बैठकर डा० अम्बेडकर भोजन किया करते थे। आपको यहाँ एक पलंग भी मिलेगा जिस पर उन्होंने अंतिम सांस ली।

दूसरी तरफ आपको एक बैग मिलेगा जिसे वो अपनी यात्रा के दौरान साथ रखते थे। कहा जाता है कि उनके बैग में कपड़ो से ज्यादा किताबें मिलती थी। इसके अलावा एक चाँदी की स्याही की दवात जो उन्हें लॉर्ड माउंटबैटन ने उपहार-स्वरूप दी थी, उनकी यात्रा के सामान और बागवानी के उपकरण दिखाई देंगे। इसके अलावा भारत रत्न मेडल और इसका उद्धरण, उनके भाषणों और तस्वीरों की पेपर-कटिंग, उनकी डिग्रीयाँ, हाथ से लिखे पत्र, एक पेपर-वेट जिस पर उनका नाम उत्कीर्णित है, भारत के संविधान की प्रति, उनके कुछ फोटोग्राफ अम्बेडकर संग्रहालय में परिरक्षित हैं। इस प्रकार यें सब चीज़ें, उनकी उपलब्धियों से लेकर उनके योगदान और जीवनशैली और उनसे जुडी हर चीज़ को दर्शाती हैं।

समय

अम्बेडकर संग्रहालय प्रतिदिन प्रातः ८:३० से शाम ५:३० तक पर्यटकों के लिए खुला रहता है। तो नवभारत के निर्माण में डा. अम्बेडकर के योगदान और स्थल की सुंदरता का अनुभव करने के लिए आपको कम से कम एक बार जरूर आना चाहिए।

Written by Girlopedia Staff

Techie by profession blogger by hobby, founder of Girlopedia.

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